_पेंशनर्स का बायोमैट्रिक से होगा सत्यापन_
श्रीगंगानगर, बूटासिंह चहल। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में सरलीकरण एवं ऑटो अप्रूवल का कुछ स्थानों पर दुरुपयोग होने की शिकायतें प्राप्त होने के पश्चात अब विभाग द्वारा आवेदन के समय प्रार्थी का बायोमैट्रिक सत्यापन आवश्यक कर दिया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक सुरेन्द्र कुमार पूनिया ने बताया कि कतिपय अपात्र व्यक्तियों द्वारा योजना का दुरुपयोग एवं अनुचित लाभ लेने के प्रकरणों के रोकथाम तथा अनियमितताओं को रोकने के लिए ओटीपी के माध्यम से सत्यापन के स्थान पर बायोमैट्रिक सत्यापन के माध्यम से पेंशन स्वीकृत करने की निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही अनियमितता रोकथाम के लिए विभाग द्वारा इस वर्ष माह नवंबर एवं दिसंबर में होने वाले वार्षिक भौतिक सत्यापन में ओटीपी द्वारा सत्यापन की व्यवस्था को समाप्त करते हुए सिर्फ बायोमैट्रिक सत्यापन का ही विकल्प रखा है।
_ई-मित्र, राजीव सेवा केन्द्र पर करा सकेंगे वार्षिक भौतिक सत्यापन_
पेंशनधारक द्वारा अपने वार्षिक भौतिक सत्यापन के लिए ई-मित्र कियोस्क, राजीव गांधी सेवा केन्द्र, ई-मित्र प्लस आदि केन्द्रों पर अंगुली की छाप बायोमैट्रिक्स से कराया जा सकेगा।
अंगुली की छाप बायोमैट्रिक्स से वंचित रहे पेंशनर्स का भौतिक सत्यापन आई रिस स्कैन से भी कराया जा सकेगा। उपरोक्त प्रक्रिया द्वारा किसी पेंशनर का वार्षिक भौतिक सत्यापन नहीं होने की स्थिति में यदि पेंशनर पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी (विकास अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी) के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होता है, तो पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी (उपखण्ड अधिकारी, विकास अधिकारी) स्वंय की एसएसओ आईडी द्वारा एसएसपी पोर्टल पर संबंधित पेंशनर का पीपीओ नम्बर दर्ज करने पर उस पेंशनर के रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर प्राप्त ओटीपी के आधार पर भौतिक सत्यापन किया जा सकेगा। पूनिया ने बताया कि जिले में 235464 व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसे वृद्धावस्था, विधवा, विशेष योग्यजन लाभार्थी हैं। इन्हें नियमित पेंशन प्राप्त करने के लिए 31 दिसंबर 2022 तक बायोमैट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। पूर्व में ओटीपी द्वारा सत्यापन की व्यवस्था को समाप्त कर बायोमैट्रिक सत्यापन को अनिवार्य कर दिया गया है, पेंशनरों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए अन्य विकल्प भी साथ में रखे गए हैं। माह दिसंबर के अंत तक शत-प्रतिशत बायोमैट्रिक सत्यापन के अभाव में पेंशन भुगतान संभव नहीं हो सकेगा।