बीकानेर के लाडले बीएसएफ आईजी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ रिटायर हुए।
बीकानेर। बीएसएफ आईजी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ गुरुवार को रिटायर हो गए। टेकनपुर ट्रैनिंग सेंटर पर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। बीएसएफ में 36 वर्षों के करियर, राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण और उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रसिद्ध पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ को बीएसएफ में आईजी के पद पर पदोन्नत किया गया था। पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने 1987 में डायरेक्ट एंट्री ऑफिसर के रूप में सीमा सुरक्षा बल के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी। इस दौरान उन्होंने राजस्थान, पंजाब, एएम एंड सी, दक्षिण बंगाल और गुजरात फ्रंटियर सहित देश भर में कई चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरे क्षेत्रों में काम किया। वे करीब तीन साल बीकानेर डीआईजी रहे। इस दौरान उन्होंने सांच सीमा चौकी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया। पौधारापण सहित कई सामाजिक सरोकार के काम किए। पुष्पेंद्र सिंह के पिता सांचू बॉर्डर पर तैनात, 1965 और 1971 के युद्ध के नायक थे। वहीं उनके दादा राजस्थान पुलिस में आईजी रहे थे।
1 दिसंबर 1965 को हुआ था बीएसएफ का गठन
बता दें कि बीएसएफ की स्थापना 1 दिसंबर 1965 को हुई थी। बीएसएफ की जिम्मेदारी शांति के समय के दौरान भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर निरंतर निगरानी रखना, भारत भूमि सीमा की रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अपराध को रोकना है। इस समय बीएसएफ की 192 (03 NDRF bn) बटालियन है और बीएसएफ में 2.65 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जो अलग-अलग पद पर हैं। BSF 6,385.39 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करती है जो कि दुर्गम रेगिस्तानों, नदी-घाटियों और हिमाच्छादित प्रदेशों तक फैली है। बीएसएफ के पहले महानिदेशक के एफ रुस्तमजी थे।