खाजूवाला में अनूठी पहल: ईंट-भट्टा मजदूरों के बच्चों को मिलेगी निशुल्क शिक्षा

खाजूवाला में अनूठी पहल: ईंट-भट्टा मजदूरों के बच्चों को मिलेगी निशुल्क शिक्षा

ईंट-भट्टा एसोसिएशन व उज्ज्वल एजुकेशन सोसायटी की संयुक्त पहल, चक 8 केजेडी में शुरू हुई ‘उज्ज्वल पाठशाला’, पहले दिन 40 बच्चों की उपस्थिति

खाजूवाला (दलीप नोखवाल)।
तपती धूप, कड़ाके की सर्दी और बरसात के थपेड़ों के बीच ईंट-भट्टों पर काम करने वाले मजदूर दूसरों के घर बनाने में दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन उनके बच्चों का भविष्य अक्सर इन्हीं कठिन हालात में गुम हो जाता है। अब खाजूवाला में इस दिशा में एक सराहनीय और अनूठी पहल की गई है। ईंट-भट्टा एसोसिएशन खाजूवाला के सकारात्मक प्रयास से उज्ज्वल एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा ईंट-भट्टों पर कार्यरत मजदूरों के बच्चों के लिए निशुल्क ‘उज्ज्वल पाठशाला’ की शुरुआत की गई है।

इस पहल की शुरुआत खाजूवाला उपखंड मुख्यालय के निकट चक 8 केजेडी में की गई, जहां पहले ही दिन करीब 40 बच्चों ने पाठशाला में पहुंचकर शिक्षा ग्रहण की। इस दौरान बच्चों को शिक्षण सामग्री भी वितरित की गई।

प्रवासी मजदूर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास

ईंट-भट्टों पर काम करने वाले अधिकांश मजदूर बिहार, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश से अपने परिवार के साथ खाजूवाला क्षेत्र में आते हैं। एक परिवार में औसतन दो से तीन बच्चे होते हैं, जो झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हुए शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे हजारों बच्चों का बचपन ईंट-भट्टों की धूल में खो जाता है और वे मजबूरी में अपने माता-पिता के पारंपरिक पेशे से जुड़ जाते हैं।

ईंट-भट्टा एसोसिएशन ने उज्ज्वल एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी के सहयोग से इन प्रवासी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया है। पहले चरण में बच्चों को प्राथमिक शिक्षा दी जा रही है, ताकि वे पढ़ना-लिखना सीख सकें और आगे की पढ़ाई के लिए तैयार हो सकें।

पाठशाला में रोजाना दो घंटे पढ़ाई

उज्ज्वल पाठशाला के अंतर्गत बच्चों को प्रतिदिन दो घंटे तक पढ़ाई करवाई जाएगी। इसके लिए समिति द्वारा अपने स्तर पर एक शिक्षक की व्यवस्था की गई है। ईंट-भट्टा मजदूरों ने भी इस पहल में रुचि दिखाते हुए अपने बच्चों को नियमित रूप से पाठशाला भेजना शुरू कर दिया है।

समाज के कमजोर वर्ग के लिए बड़ा कदम

ईंट-भट्टा एसोसिएशन खाजूवाला के अध्यक्ष नारायण राम गहलोत ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ईंट-भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे देश की मुख्यधारा से जुड़ सकें। शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को आवश्यक शिक्षण सामग्री भी दी जा रही है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके। यह पहल समाज के कमजोर वर्गों के लिए शिक्षा की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर ईंट-भट्टा एसोसिएशन खाजूवाला के अध्यक्ष नारायण राम गहलोत, खाजूवाला खाद्य व्यापार संघ के अध्यक्ष मोहनलाल सिहाग, उज्ज्वल एजुकेशन सोसायटी के सुनील माहर, अशोक लखोटिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

वर्जन

“ईंट-भट्टों पर बच्चों को मजदूरी करता देख उनके भविष्य की चिंता होती थी। कई बार मजदूरों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए समझाया, लेकिन परिस्थितियां आड़े आ जाती थीं। अब मेरे ही ईंट-भट्टे से ‘उज्ज्वल पाठशाला’ की शुरुआत की गई है। यहां ईंट-भट्टा मजदूरों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा और शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी।”
नारायण राम गहलोत, अध्यक्ष, ईंट-भट्टा एसोसिएशन खाजूवाला