कोलायत में निशुल्क अर्श (बवासीर), भगंदर (फिस्टुला) सहित गुद रोगों के उपचार हेतु क्षार सूत्र चिकित्सा शिविर

आयुर्वेद विभाग ने प्रचार रथ को किया रवाना

24 से 27 जनवरी तक होगा पूर्व पंजीकरण

बीकानेर। (दलीप नोखवाल) आयुष मिशन एवं आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कोलायत स्थित श्री राजपूत विश्राम गृह संस्था, झझु रोड पर आगामी 24 जनवरी से 2 फरवरी तक दस दिवसीय क्षार सूत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा।

शिविर के सफल आयोजन को लेकर मंगलवार को उपखंड अधिकारी राजेश कुमार नायक, आयुर्वेद विभाग बीकानेर के उपनिदेशक डॉ. पवन कुमार पारीक, सहायक निदेशक (संभाग बीकानेर) डॉ. जितेंद्र सिंह भाटी, शिविर प्रभारी एवं सहायक निदेशक डॉ. रिडमल सिंह राठौड़, शिविर सह प्रभारी डॉ. धर्मप्रकाश आर्य, डॉ. इरशाद रफीक, कंपाउंडर दिलीप कुमार गुर्जर तथा योग प्रशिक्षक जसवंत सिंह की उपस्थिति में प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

गांव-गांव जाकर दी जाएगी शिविर की जानकारी

प्रचार रथ के माध्यम से गांव-गांव जाकर आमजन को 24 जनवरी से 2 फरवरी तक आयोजित होने वाले क्षार सूत्र चिकित्सा शिविर की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य अर्श एवं भगंदर से पीड़ित अधिक से अधिक रोगियों को शिविर का लाभ दिलाना है।

आयुष मिशन व आयुर्वेद विभाग की संयुक्त पहल

यह चिकित्सा शिविर आयुष मिशन एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा पूरी तरह निःशुल्क आयोजित किया जा रहा है। शिविर में अर्श (बवासीर) एवं भगंदर (फिस्टुला) जैसी गंभीर गुद रोगों का आयुर्वेदिक क्षार सूत्र पद्धति से उपचार किया जाएगा।

अर्श व भगंदर के ऑपरेशन होंगे निशुल्क

आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन कुमार पारीक ने बताया कि शिविर के दौरान अर्श एवं भगंदर से पीड़ित रोगियों के क्षार सूत्र पद्धति द्वारा ऑपरेशन पूर्णतः निःशुल्क किए जाएंगे। यह पद्धति आयुर्वेद में सुरक्षित एवं प्रभावी मानी जाती है।

रोगियों को मिलेगा निशुल्क आवास व भोजन

सहायक निदेशक (संभाग बीकानेर) डॉ. जितेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि शिविर में आने वाले रोगियों के लिए निःशुल्क आवास एवं भोजन की संपूर्ण व्यवस्था रहेगी, ताकि बाहर से आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

24 से 27 जनवरी तक होगा पूर्व पंजीकरण

शिविर प्रभारी डॉ. रिडमल सिंह राठौड़ के अनुसार, 24 से 27 जनवरी तक अर्श एवं भगंदर से पीड़ित रोगियों के ऑपरेशन हेतु पूर्व पंजीकरण किया जाएगा। पंजीकरण के दौरान रोगियों की जांच कर ऑपरेशन की प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी।