मनरेगा बचाओ संग्राम को लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ भरी हुंकार
खाजूवाला (दलीप नोखवाल)
खाजूवाला व्यापार मंडल परिसर में शनिवार को कांग्रेस पार्टी की ओर से विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने की।सम्मेलन में मुख्य रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर “जी राम जी” किए जाने का विरोध किया गया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि योजना को पुनः महात्मा गांधी के नाम से ही संचालित किया जाए तथा इसका सौ प्रतिशत वित्तीय भार केंद्र सरकार वहन करे, न कि चालीस प्रतिशत राशि राज्य सरकार पर डाली जाए, जिससे यह योजना व्यवहारिक रूप से समाप्त हो रही है।सम्मेलन में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर भी चर्चा की गई। इनमें यूरिया की काला बाजारी, मूंगफली की सरकारी खरीद में प्रति किसान बीस हजार की अवैध वसूली, खेजड़ी के हजारों पेड़ों की कटाई तथा नहरों में पूरा पानी देने जैसी मांगें प्रमुख रहीं।
राज्य सरकार दो साल में ही विफल : मेघवाल
सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने कहा कि राजस्थान सरकार अपने कार्यकाल के केवल दो वर्षों में ही पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है। प्रदेश में विकास ठप है। तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय और पंचायत समितियों में कामकाज ठप पड़ा है। न तो मनरेगा सामग्री का भुगतान हो रहा है और न ही मजदूरों को मजदूरी मिल रही है। किसान खातेदारी के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।उन्होंने कहा कि किसानों को यूरिया के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है और मूंगफली खरीद में खुलेआम रिश्वतखोरी हो रही है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।

कठपुतली सरकार चला रही प्रदेश : आरोप
मेघवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे पहली बार विधायक और पहली बार मुख्यमंत्री बने हैं, इसलिए प्रशासन पर उनकी कोई पकड़ नहीं है। यह सरकार पर्ची से बनी कठपुतली सरकार है।उन्होंने सोलर परियोजनाओं की आड़ में खेजड़ी के लाखों हरे पेड़ों की कटाई को पर्यावरण के लिए घातक बताया और कहा कि बिश्नोई समाज लंबे समय से आंदोलन कर रहा है, लेकिन सरकार कुंभकरणी नींद में सोई हुई है। उन्होंने बताया कि करणीसर में खेजड़ी कटाई के विरोध में धरना आज भी जारी है तथा 2 फरवरी को बड़ा आंदोलन प्रस्तावित है।
अघोषित आपातकाल का आरोप
पूर्व मंत्री ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने का काम कर रहे हैं। ईडी और आयकर विभाग का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है।उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए गए, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। सुप्रीम कोर्ट के दबाव में अब मार्च-अप्रैल में चुनाव कराने की मजबूरी बनी है। यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले चुनावों में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी।
रैली निकालकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
सम्मेलन के बाद कार्यकर्ताओं ने बाजार के मुख्य मार्गों से आक्रोश रैली निकाली और उपखंड कार्यालय पहुंचकर एसडीएम पंकज गढ़वाल को मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ये रहे मौजूद
इस दौरान पूगल प्रधान गौरव चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष रामेश्वर गोदारा, प्रशासक चेतराम भाम्भु, राजूराम कस्वां, शोकत बलौच, मकबूल बलौच, ओमप्रकाश मेघवाल, सुरेन्द्र सिंवर, दुरूस्तदान चारण, सतीश मेघवाल, सद्दाम पडिहार, खलील बलौच, कमलेश गिला, सत्तार सेवडा, मजीद खां, रामकुमार विश्नोई, हसन खां, राजेन्द्र बेनीवाल, सुधीर विश्नोई सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान, मजदूर एवं आमजन उपस्थित रहे।
