खाजूवाला उपखंड क्षेत्र में लकड़बग्घे का आतंक, रात में भेड़-बकरियों पर हमले से दहशत।

6 एमडब्लूएम व 4 एमडब्लूएम में कई पशुओं को बनाया निशाना, ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

खाजूवाला (दलीप नोखवाल) खाजूवाला उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत आनंदगढ़ के गांव 6 एमडब्लूएम, 4 एमडब्लूएम और 5 की पुली इलाके में कल रात्रि को जंगली जानवर लकड़बग्घा (स्थानीय भाषा में बीजू) के हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। यह जानवर रात के समय पशुओं के बाड़ों में घुसकर भेड़-बकरियों को अपना निशाना बना रहा है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीण सुल्तानाराम नोखवाल व महेंद्र तर्ड ने बताया कि बीती रात गांव 6 एमडब्लूएम के काशीराम तर्ड की चार भेड़ों को लकड़बग्घे ने मार डाला। इसी तरह गांव 4 एमडब्लूएम के मोहर सिंह सियाग की तीन भेड़ों पर भी हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। इसके अलावा आसपास के कई अन्य गांवों से भी इसी तरह की घटनाओं की सूचनाएं मिल रही हैं, जहां रात के अंधेरे में लकड़बग्घे ने कई भेड़-बकरियों को अपना शिकार बनाया है।
इन लगातार हमलों के कारण इलाके के पशुपालकों और ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। लोग रात में अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। विशेष रूप से पशुपालक परिवारों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनकी आजीविका सीधे पशुपालन पर निर्भर करती है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह लकड़बग्घा देखने में कुत्ते जैसा प्रतीत होता है, लेकिन यह बेहद खतरनाक और आक्रामक है। कई लोगों ने इसे रात में झाड़ियों और खेतों के आसपास घूमते हुए देखा है।


स्थानीय लोगों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि वन विभाग की टीम मौके पर आकर स्थिति का जायजा ले, ट्रैप लगाए और इस जानवर को पकड़कर उन्हें राहत दिलाए।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने इस मामले की सूचना उपखंड अधिकारी पंकज गढ़वाल को भी दे दी है और उनसे अनुरोध किया है कि प्रशासनिक स्तर पर जल्द कार्रवाई कर इस समस्या का समाधान किया जाए, ताकि लोगों और उनके पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।