सीमाजन छात्रावास खाजूवाला में ‘ज्ञानोत्सव वार्षिकोत्सव’ का आयोजन, बच्चों की प्रतिभाओं ने बांधा समां।

‘सुरक्षित सीमा, समर्थ भारत’ थीम पर हुआ कार्यक्रम, तीन छात्रों की शिक्षा का खर्चा उठाने की घोषणा।

खाजूवाला, (दलीप नोखवाल)
सीमाजन कल्याण समिति राजस्थान द्वारा संचालित सीमाजन छात्रावास खाजूवाला में रविवार को ज्ञानोत्सव वार्षिकोत्सव का आयोजन “सुरक्षित सीमा, समर्थ भारत” थीम के साथ किया गया। कार्यक्रम में सीमावर्ती क्षेत्र के विद्यार्थियों की प्रतिभाओं और उनके सर्वांगीण विकास को लेकर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रांत अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त डीआईजी महेन्द्रपाल सिंह ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि सीमाजन के बच्चे शिक्षित और सक्षम बनेंगे तो देश की सीमाएं और अधिक मजबूत होंगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बलराम पूनियाँ ने कहा कि सीमाजन छात्रावास जैसे संस्थान सीमावर्ती क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार दोनों प्रदान कर रहे हैं, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल बन रहा है।
विशिष्ट अतिथि रा.उ.मा.वि. सामरदा के प्रधानाचार्य बदरीराम ने विद्यार्थियों को मेहनत और अनुशासन का महत्व बताते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन को नई दिशा देती है।
सीमाजन कल्याण समिति के जिला अध्यक्ष धनपत बाफना ने कहा कि समिति का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और संस्कार देना है, ताकि वे समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।


विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित चलकोई फाउंडेशन के संस्थापक प्रताप सिंह राठौड़ ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के बच्चों में अपार प्रतिभा है, जरूरत है तो उन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने की। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों के विकास के लिए समाज को आगे आकर सहयोग करना चाहिए।
इस दौरान सीमाजन कल्याण समिति के तहसील मंत्री राजेन्द्र आचार्य ने बताया कि सीमाजन छात्रावास के तीन विद्यार्थियों को भामाशाह बीएसएफ के सेवानिवृत्त हवलदार विनोद डारा, सुरेन्द्र गुलगुलिया और हरीश बंसल द्वारा एक वर्ष के लिए गोद लिया गया है, जिनकी शिक्षा सहित समस्त खर्चा वे वहन करेंगे।
कार्यक्रम में छात्रावास के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने अमृता देवी नाटक, नेताजी नाटक तथा शारीरिक कौशल प्रदर्शन के माध्यम से देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर सीमाजन कल्याण समिति खाजूवाला के जिला सह मंत्री बृजलाल चाहर, तहसील मंत्री राजेन्द्र आचार्य,तहसील संपर्क प्रमुख पुरुषोत्तम सारस्वत,तहसील अध्यक्ष बनवारीलाल भादू ,जिला संगठन मंत्री प्रभुराम, सीमाजन छात्रावास के व्यवस्थापक रामसिंह, पूगल से छत्रपाल सिंह, दंतोर से महावीर सिंह तंवर, एडवोकेट जयवीर सिंह तंवर,राजकुमार ठोलिया,लक्ष्मीनारायण सारस्वत सहित खाजूवाला के प्रबुद्धजन और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।