Zeeupdate rajsthan News |Dalip nokhwal
खाजूवाला। क्षेत्र की होनहार बेटी सुमित्रा बिश्नोई के आरएएस-2024 में रैंक 64 के साथ चयनित होने के बाद उनके ननिहाल ग्राम पंचायत 2 केएलडी (0RD) के गांव 2 एमटीएम आगमन पर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। जैसे ही सुमित्रा गांव पहुंचीं, ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका भव्य स्वागत किया और ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर इस उपलब्धि को गर्व के क्षण के रूप में मनाया।

गांव 2KLD से 2MTM तक सैकड़ों वाहनों का काफिला निकाला गया, जो पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना रहा। काफिले में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी रही, जिससे पूरे मार्ग पर जश्न का माहौल बना रहा। ननिहाल पहुंचने पर सुमित्रा का ‘पावणा’ और ‘बेटी’ के रूप में विशेष सम्मान किया गया, जो ग्रामीण संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक रहा।

इस अवसर पर नाना जगमाल मांझू, मामा प्रकाश, सुरेश (व्याख्याता), रमेश (गिरदावर), श्रवण मांझू, किशनाराम भंवाल, जगमाल राम भादू, बीरबल राम भादू, बीरबल राम जाणी, मनीष (कृषि पर्यवेक्षक), राजा राम भादू, रामचंद्र भांभू, भागीराम खीचड़, बिशनाराम बरड़, रामनिवास भादू, बुधराम जंवर, रूपाराम पचार, प्रेम खोथ सहित अनेक गणमान्य नागरिक व ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने सुमित्रा को शुभकामनाएं देते हुए इसे क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में तहसीलदार राजकुमारी और नायब तहसीलदार योगेंद्र सिंह तथा पारस बिश्नोई भी मौजूद रहे और सुमित्रा बिश्नोई को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सुमित्रा की सफलता न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और इससे युवाओं को नई दिशा मिलेगी।
अपने संबोधन में सुमित्रा बिश्नोई ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और सतत परिश्रम को देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने बताया कि अध्ययन के दौरान अध्यात्म ने उन्हें मानसिक संतुलन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच बनाए रखने में विशेष सहायता दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि आधुनिक दौर में इंटरनेट एक महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन इसका उपयोग सावधानी और संयम के साथ करना चाहिए। साथ ही उन्होंने भौतिक पुस्तकों को ज्ञान का सबसे विश्वसनीय और गहन स्रोत बताते हुए नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने पर जोर दिया।

ग्रामीणों और अभिभावकों ने सुमित्रा की उपलब्धि को क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनकी सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण परिवेश से भी बड़े सपने साकार किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सुमित्रा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए शुभाशीष दिया।
